Mandir Mein Phool Chadha Kar Aae To Yah Ehasaas Hua Ki…

मंदिर में फूल चढ़ा कर आए तो यह एहसास हुआ कि...
पत्थरों को मनाने में,
फूलों का क़त्ल कर आए हम
गए थे गुनाहों की माफ़ी माँगने ....
वहाँ एक और गुनाह कर आए हम ....

Mili Thi Zindagi

               मिली थी जिन्दगी

 किसी के 'काम' आने के लिए..

      पर वक्त बित रहा है
कागज के टुकड़े कमाने के लिए.. 
                               
   क्या करोगे इतना पैसा कमा कर..?
 ना कफन मे 'जेब' है ना कब्र मे 'अलमारी..'

     और ये मौत के फ़रिश्ते तो   
      'रिश्वत' भी नही लेते...

Achchha Dost Jindagee Ko Jannat Banaata Hai

अच्छा दोस्त जिंदगी को जन्नत बनाता है;
इसलिए मेरी कद्र किया करो;
वर्ना फिर कहते फिरोगे 
बहती हवा सा था वो;
यार हमारा था वो;
कहाँ गया उसे ढूढों!..

Duniya Main Koi Bhi Chiij Apne Apke Liye Nahi Bani Hee

दुनिया में कोई भी चीज़ अपने आपके लिए नहीं बनी है।
जैसे:
दरिया - खुद अपना पानी नहीं पीता।
पेड़ - खुद अपना फल नहीं खाते।
सूरज - अपने लिए हररात नहीं देता।
फूल - अपनी खुशबु अपने लिए नहीं बिखेरते।
मालूम है क्यों?
क्योंकि दूसरों के लिए ही जीना ही असली जिंदगी है।

Jarurat Ke Mutabeek Jindagi Jio

जरुरत के मुताबिक जिंदगी जिओ -
ख्वाहिशों के मुताबिक नहीं।
क्योंकि जरुरत तो फकीरों की भी पूरी हो जाती है;
और ख्वाहिशें बादशाहों की भी अधूरी रह जाती है।

Zindagi Main Do Chhije Hamesha

जिंदगी में दो चीज़ें हमेशा 
टूटने के लिए ही होती हैं:
"सांस और साथ"
सांस टूटने से तो इंसान 1 ही बार मरता है;
पर किसी का साथ टूटने से इंसान पल-पल मरता है।